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Saturday, 3 February 2018

खुशी अगर बांटना चाहो तो तरीका भी मिल जाता है l

खुशी अगर बांटना चाहो तो तरीका भी मिल जाता है l Please Need Poor and Helpless Person

एक आदमी ने दुकानदार से पूछा - केले और सेवफल क्या भाव लगाऐ हैं ? केले 20 रु.दर्जन और सेव 100 रु. किलो । उसी समय एक गरीब सी औरत दुकान में आयी और बोली मुझे एक किलो सेव और एक दर्जन केले चाहिये - क्या भाव है भैया ? दुकानदार: केले 5 रु दर्जन और सेब 25 रु किलो। औरत ने कहा जल्दी से दे दीजिये । दुकान में पहले से मौजूद ग्राहक ने खा जाने वाली निगाहों से घूरकर दुकानदार को देखा । इससे पहले कि वो कुछ कहता - दुकानदार ने ग्राहक को इशारा करते हुये थोड़ा सा इंतजार करने को कहा।
औरत खुशी खुशी खरीदारी करके दुकान से निकलते हुये बड़बड़ाई - हे भगवान  तेरा लाख- लाख शुक्र है , मेरे बच्चे फलों को खाकर बहुत खुश होंगे । औरत के जाने के बाद दुकानदार ने पहले से मौजूद ग्राहक की तरफ देखते हुये कहा : ईश्वर गवाह है भाई साहब ! मैंने आपको कोई धोखा देने की कोशिश नहीं की यह विधवा महिला है जो चार अनाथ बच्चों की मां है । किसी से भी किसी तरह की मदद लेने को तैयार नहीं है। मैंने कई बार कोशिश की है और हर बार नाकामी मिली है।तब मुझे यही तरीकीब सूझी है कि जब कभी ये आए तो  मै उसे कम से कम दाम लगाकर चीज़े दे दूँ। मैं यह चाहता हूँ कि उसका भरम बना रहे और उसे लगे कि वह किसी की मोहताज नहीं है। मैं इस तरह भगवान के बन्दों की पूजा कर लेता हूँ ।
थोड़ा रूक कर दुकानदार बोला : यह औरत हफ्ते में एक बार आती है। भगवान गवाह है जिस दिन यह आ जाती है उस दिन मेरी बिक्री बढ़ जाती है और उस दिन परमात्मा मुझपर मेहरबान होजाता है । ग्राहक की आंखों में आंसू आ गए, उसने आगे बढकर दुकानदार को गले लगा लिया और बिना किसी शिकायत के अपना सौदा खरीदकर खुशी खुशी चला गया ।
कहानी का मर्म  :-
खुशी अगर बांटना चाहो तो तरीका भी मिल जाता है l
Please Need Poor and Helpless Person
अरुण शर्मा  (9675533621)
आगरा महानगर अध्यक्ष 
श्री कृष्णा जन कल्याण समिति 

*इच्छापूर्ति वॄक्ष*

 🌴 *इच्छापूर्ति वॄक्ष* 🌴
एक घने जंगल में एक *इच्छापूर्ति वृक्ष* था, उसके नीचे बैठ कर कोई भी *इच्छा* करने से वह *तुरंत पूरी* हो जाती थी।
यह बात बहुत कम लोग जानते थे..क्योंकि उस घने जंगल में जाने की कोई *हिम्मत ही नहीं* करता था।
एक बार संयोग से एक थका हुआ *व्यापारी* उस वृक्ष के नीचे आराम करने के लिए बैठ गया उसे पता ही नहीं चला कि कब उसकी नींद लग गई। 
*जागते ही* उसे बहुत *भूख लगी* ,उसने आस पास देखकर सोचा- ' काश *कुछ खाने को मिल जाए !*' तत्काल स्वादिष्ट *पकवानों से भरी थाली* हवा में तैरती हुई उसके सामने आ गई।
व्यापारी ने *भरपेट खाना* खाया और भूख शांत होने के बाद सोचने लगा..
*काश कुछ पीने को मिल जाए..*' तत्काल उसके सामने हवा में तैरते हुए अनेक *शरबत* आ गए।
*शरबत* पीने के बाद वह आराम से बैठ कर सोचने लगा- ' *कहीं मैं सपना तो नहीं देख रहा हूँ।*
हवा में से खाना पानी प्रकट होते पहले कभी नहीं देखा न ही सुना..जरूर इस *पेड़ पर कोई भूत* रहता है जो मुझे खिला पिला कर बाद में *मुझे खा लेगा* ऐसा सोचते ही तत्काल उसके सामने एक *भूत आया और उसे खा गया।*

इस प्रसंग से आप यह सीख सकते है कि *हमारा मस्तिष्क ही इच्छापूर्ति वृक्ष है आप जिस चीज की प्रबल कामना करेंगे वह आपको अवश्य मिलेगी।*
अधिकांश लोगों को जीवन में बुरी चीजें इसलिए मिलतीहैं.....
क्योंकि वे *बुरी चीजों की ही कामना* करते हैं।
इंसान ज्यादातर समय सोचता है-कहीं बारिश में भीगने से मै *बीमार न हों जाँऊ* ..और वह *बीमार हो जाता हैं*..!
इंसान सोचता है - मेरी *किस्मत ही खराब* है .. और उसकी *किस्मत सचमुच खराब* हो जाती हैं ..!
इस तरह आप देखेंगे कि आपका *अवचेतन मन* इच्छापूर्ति वृक्ष की तरह आपकी *इच्छाओं को ईमानदारी से पूर्ण* करता है..!
इसलिए आपको अपने मस्तिष्क में *विचारों को सावधानी से प्रवेश* करने की *अनुमति देनी चाहिए।*
यदि *गलत विचार* अंदर आ जाएगे तो *गलत परिणाम* मिलेंगे। *विचारों पर काबू* रखना ही अपने *जीवन पर काबू* करने का रहस्य है..!
आपके *विचारों से ही* आपका *जीवन* या तो.. 
*स्वर्ग* बनता है या *नरक*..उनकी बदौलत ही आपका *जीवन सुखमय या दुख:मय* बनता है..
*विचार जादूगर* की तरह होते है , जिन्हें *बदलकर* आप अपना *जीवन बदल* सकते है..!
इसलिये सदा *सकारात्मक सोच* रखें .. यदि आप *अच्छा सोचने लगते है*तो पूरी *कायनात* आपको और अच्छा *देने में लग जाती है।*

Coverage by editor of Print media

 Thanks to Editor of Print And Electronic Media for always support us with your wonderful coverage. #CMYogi #BJP4UP #PMModiji #BJP4IND #PMNa...